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सक्रिय प्रकटीकरण

Information under Section 4(1)(b) of the RTI Act,
क्र.सं. आरटीआई अधिनियम की धारा विवरण
(क) धारा4(1)(ख)(i):

संगठन, कार्य एवं कर्तव्य का ब्यौरा

(ख) धारा 4(1)(ख)(ii):

अधिकारियों और कर्मचारियों के अधिकार एवं कर्तव्य

(ग) धारा 4(1)(ख)(iii):

निरीक्षण एवं जवाबदेयता के माध्यम सहित निर्णय लेने की प्रक्रिया में अनुपालन की गई कार्यवाही

(घ) धारा 4(1)(ख)(iv):

कार्य निष्पादन हेतु मापदंड

(ड़) धारा 4(1)(ख)(v):

कार्य निष्पादन के लिए इसके द्वारा धारित अथवा इसके नियंत्रणाधीन दस्तावेजों पर इसके कर्मचारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले नियमों, विनियमों, निदेशों, मैनुअल और रिकार्ड

(च) धारा 4(1)(ख)(vi):

इसके द्वारा धारित अथवा इसके नियंत्रणाधीन दस्तावेजों की श्रेणी का विवरण

(छ) धारा 4(1)(ख)(vii):

परामर्श के लिए मौजूदा किसी प्रबंधन अथवा इसकी नीति निर्धारण के संबंध में लोक प्रतिनिधियों द्वारा अभ्यावेदन अथवा इसके कार्यान्वयन का ब्यौरा

(ज) धारा 4(1)(ख)(viii):

बोर्डों, परिषद, समितियां और अन्य निकाय जिसमें दो अथवा अधिक व्यक्ति शामिल हैं का विवरण अथवा इसकी सलाह के प्रयोजन हेतु और इन बोर्डों, परिषदों और समितियों और अन्य निकायों की बैठक अथवा सार्वजनिक के लिए उपलब्ध ऐसी बैठकों का कार्यवृत

(झ) धारा 4(1)(ख)(ix):

अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका

(ञ) धारा 4(1)(ख)(x):

अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक

(ट) धारा 4(1)(ख)(xi):

प्रत्येक एजेंसी को आबंटित सभी योजनाओं का ब्यौरा, प्रस्तावित व्यय और वितरित की गई धनराशि की रिपोर्ट दर्शाने वाले बजट

(ठ) धारा 4(1)(ख)(xii):

आबंटित धनराशि और ऐसे कार्यक्रमों के लाभार्थियों का ब्यौरा सहित सब्सिडी कार्यक्रमों के निष्पादन का तरीका

(ड ) खण्ड4(1)(ख)(xiii):

इसके द्वारा धारित अथवा इसको उपलब्ध सूचना से संबंधित ब्यौरा । इलैक्ट्रानिक रूप संक्षेप में

(ढ ) खण्ड4(1)(ख)(xiv):

पुस्तकालय अथवा अध्ययन कक्ष यदि सार्वजनिक उपयोग के लिए अनुरक्षित किया जाता है के कार्य समय सहित सूचना प्राप्त करने के लिए नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं का ब्यौरा

(ण) खण्ड4(1)(ख)(xv):

पुस्तकालय अथवा अध्ययन कक्ष यदि सार्वजनिक उपयोग के लिए अनुरक्षित किया जाता है के कार्य समय सहित सूचना प्राप्त करने के लिए नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं का ब्यौरा

(त) खण्ड4(1)(ख)(xvi):

लोक सूचना अधिकारियों के नाम, पदनाम और अन्य विशेषताएं

खण्ड4(1)(ख)(i): संगठन के कार्य एवं कर्तव्यों का ब्यौरा

भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग (डीईएसडब्ल्यू)

1. भूतपूर्व सैनिक (ईएसएम) और उनकी विधवाओं की बढ़ती संख्या के आलोक में सेना मुख्यालयों और विभिन्न संघों से भूतपूर्व सैनिक युद्ध विधवाओं और उनके आश्रितों के कल्याण, पुनर्वास और पुर्नस्थापन को देखने के लिए अलग विभाग हेतु लगातार मांग की जा रही थी । वर्ष 1986 में रक्षा विभाग में एक स्वतंत्र पुनर्वास प्रभाग बनाने का निर्णय लिया गया था ।

भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण और पुनर्वास हेतु विशेष ध्यान देने के लिए 22 सितंबर, 2004 को रक्षा मंत्रालय में एक नया भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग (डीईएसडब्ल्यू) बनाया गया । डीईएसडब्ल्यू को देश में भूतपूर्व सैनिक के कल्याण और पुनर्वास के हेतु विभिन्न नीतियों और कार्यक्रमों को तैयार और कार्यान्वित करने का अधिदेश दिया गया है । इस विभाग के दो प्रभाग हैं अर्थात (i) पेंशन प्रभाग; और (ii) पुनर्वास प्रभाग । भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग के पेंशन प्रभाग द्वारा सशस्त्र बल कार्मिक के लिए पेंशन नीतियां बनाता है और भूतपूर्व सैनिक की शिकायतों का निवारण करता है जबकि पुनर्वास प्रभाग शेष मामलों को देखता है ।

इसके अतिरिक्त डीईएसडब्ल्यू के तीन संबद्ध कार्यालय निम्नानुसार हैं:-
(i) केन्द्रीय सैनिक बोर्ड सचिवालय (केएसबी सचिवालय)
(ii) पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) और
(iii) केन्द्रीय संगठन, भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (सीओ, ईसीएचएस)

केन्द्रीय सैनिक बोर्ड सचिवालय भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण और कल्याण निधि के प्रशासन के लिए उत्तरदायी है । 33 राज्य सैनिक बोर्डों (आरएसबी) और 403 जिला सैनिक बोर्डों (जेडएसबी) द्वारा सहायता प्रदान करते हैं जो संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के प्रशासनिक नियंत्रण के अंर्तगत हैं । भारत सरकार राज्यों/अरूणाचल प्रदेश, असम, मणीपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम, उत्त्राखंड, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख एवं हिमाचल प्रदेश के राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के संबंध में आरएसबी/जेडएसबी के अनुरक्षण में हुए व्यय का 75% का अंशदान और अन्य राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों के लिए 60% का अंशदान करती है जबकि शेष व्यय संबंधित राज्य सरकारों द्वारा वहन किया जाता है । .

पुनर्वास महानिदेशालय का कार्यालय भूतपूर्व सैनिक के पूर्व और बाद के सेवानिवृत्त प्रशिक्षण, पुर्नरोजगार और स्वरोजगार के लिए विभिन्न नीतियों/स्कीमों/कार्यक्रमों का कार्यान्व्यन करता है । डीजीआर को अपने कार्य में उधमपुर, चण्डी मंदिर, लखनऊ, कोलकाता और पूणे में सेना कमान मुख्यालयों के साथ सह स्थित पांच पुनर्वास निदेशालय जोन (डीआरजेड) द्वारा सहायता प्रदान की जाती है । .

केन्द्रीय संगठन, भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना देश भर में 427 पॉलिक्लीनिकों के एक नेटवर्क के माध्यम से भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सा आवश्यकताओं का ध्यान रखता है ।

संगठन का मुखिया

इस विभाग के संगठन का मुखिया सचिव हैं ।

विजन

पुरूषों और महिलाओं जिन्होंने सक्रिय कर्तव्य से मुक्त होने के बाद भारतीय सशस्त्र बल में सेवा की है, का पुनर्वास, स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण और सेवानिवृत्ति के बाद सशस्त्र बलों के लिए देश की चिंता को दर्शाना प्रमुख राष्ट्रीय मिशन का भाग है । भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग, रक्षा मंत्रालय द्वारा भूतपूर्व सैनिक और उनके परिवारों के लिए सुस्थिर व्यापक सहायता प्रणाली विकसित करने और अधिक प्रभावी ढांचा विकसित करने के लिए और यह दर्शाने के लिए कि भूतपूर्व सैनिक राष्ट्र निर्माण के लिए एक सक्रिय बल है, कार्य करता रहा है ।

मिशन

विभाग का मिशन है: ईएसएम का प्रशिक्षण/कौशल निर्माण और पुनः रोजगार हेतु प्रभावकारी रूप से एक संस्थानिक एंकर की भूमिका निभाना जो योजना बनाने के लिए विभिन्न मंत्रालयों, विभागों तथा सरकार में मौजूद एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करें और साथ ही साथ निजी क्षेत्र के साथ भागीदारी में आए । विभाग भूतपूर्व सैनिकों के लिए पेंशनरी पुरस्कारों का भी संचालन करता है ताकि भूतपूर्व सैनिकों को उच्चतम स्तर की सेवाएं प्रदान करने हेतु कल्याण एवं स्वास्थ्य केंद्रों का एक राष्ट्रीय नेटवर्क स्थापित करने के साथ-साथ उन्हें पेंशन योजनाओं के लाभ समयबद्ध और प्रभावकारी रूप से प्रदान किए जा सकें ।

उद्देश्य

इसका उद्देश्य व्यक्तिगत तथा सामूहिक स्तर पर मसलों के निवारण के लिए अधिक प्रभावी और विश्वसनीय प्रणाली बनाने की ओर अग्रसर होना है, जो मसलों के प्रति सहानुभूति और संवेदनशीलता भी प्रदर्शित कर सके । इसका उद्देश्य इन सेवाओं को बिना किसी भेदभाव के प्रदान करना और भूतपूर्व सैनिकों और महिलाओं को जायज मान और सम्मान देना है ।

लक्ष्य

1. स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना ।
2. भूतपूर्व सैनिक का पुनः स्थापना एवं पुनर्वासन ।
3. कल्याण योजनाओं के अधीन वित्तीय सहायता देना ।
4. पेंशन संबंधी शिकायतों के सहित शिकायत निवारण प्रणाली को सुदृढ़ बनाना ।
5. ईएसएम के कल्याण हेतु मीडिया कैंपेन/जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना ।
6. ईएसएम डाटाबेस संग्रह करना ।
7. वन रैंक वन पेंशन का कार्यान्वयन ।

विभाग के कार्य



कार्य आबंटन नियमावली में भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग के लिए निम्नलिखित कार्य निर्धारित किए गए है:-
• गैर-पेंशनभोगियों सहित भूतपूर्व सैनिकों से संबंधित मामले ।
• भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना
• पुनर्वास महानिदेशालय और केन्द्रीय सैनिक बोर्ड संबंधी मामले ।
• निम्नलिखित का संचालन:
i. सेना, 1961 के लिए पेंशन विनियमन (भाग 1 और 2)
ii. वायुसेना 1961 के लिए पेंशन विनियमन (भाग 1 और 2)
iii. नौसेना (पेंशन) विनियमन, 1964
iv. सशस्त्र बल कार्मिकों, 1982 को कैजुअल्टी पेंशनरी पुरस्कार संबंधी

संस्थागत चार्ट

इस विभाग का संस्थागत चार्ट इस वेबसाइट के ' हमारे बारे में ' भाग में उपलब्ध है । यहां दबाएं

खण्ड4(1)(ख)(ii): अधिकारियों एवं कार्मिकों की शक्तियां और कार्य


भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग में संयुक्त सचिव (ईएसडब्ल्यू) की अध्यक्षता में एक विंग है । इस विंग में क्रमशः निदेशक/उपसचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी, डेस्क अधिकारी की अध्यक्षता में प्रभाग, शाखा, अनुभाग/डेस्क शामिल हैं । अनुभागों में सहायक अनुभाग अधिकारी(स.अ.अ.), प्रवर श्रेणी लिपिक और मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) कार्यरत हैं ।

संयुक्त सचिव (भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग)

कार्य की मुख्य मदें ;

पुनर्वास प्रभाग
1. भूतपूर्व सैन्य कार्मिकों के पुनर्वास/पुनस्थापन के लिए योजना और नीति तैयार करना ।
2. कार्यरत अधिकारियों/कार्मिकों के बच्चों के लिए शैक्षणिक भत्ते ।
3. पुनर्वास महानिदेशालय, केन्द्रीय सैनिक बोर्ड, राज्य सैनिक बोर्ड, जिला सैनिक बोर्ड ।
4. भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वस्थ्य योजना ।
5. सशस्त्र बल फ्लैग दिवस निधि और रक्षा मंत्री भूतपूर्व सैनिक कल्याण निधि (आरएमईडब्ल्यूएफ)में से भूतपूर्व सैनिक/आश्रितों को सहायता देना ।
6. सशस्त्र बल फ्लैग दिवस निधि जैसी कल्याण निधियों के लिए जनता से उपहार/चैक और दान ।

पेंशन प्रभाग
7. निःशक्तता पेंशन के लिए दूसरी याचिका और विशेष पारिवारिक पेंशन सहित भूतपूर्व सैनिकों से संबंधित सभी पेंशन मामले, नीतियां और व्यक्तिगत मामले ।
8. नेपाल में स्थित पेंशन कार्यालयों से संबंधित मामले ।
9. पेंशन संबंधी शिकायतें और पेंशन पर न्यायिक मामले ।
10 पेंशन संबंधी अन्य सभी मामले जिनमें सरकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता है ।



सचिव, संयुक्त सचिव, निदेशक/डीएस, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी/डीओ, सहायक/अपर श्रेणी लिपिक, अवर श्रेणी लिपिक इत्यादि के कार्य कार्यालयी कार्यविधि केन्द्रीय सचिवालय मैनुअल में उल्लिखित हैं ।

कार्य आबंटन

अवर सचिव और डीएस/निदेशक को आबंटित कार्य इस विभाग के आरटीआई वाले भाग पर उपलब्ध है । यहां दबाएं


खण्ड4(1)(ख)(iii): पर्यवेक्षण और जवाबदेही के चैनल सहित निर्णय लेने के प्रक्रम में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया

विभाग के पेपर, दस्तावेज और फाइलें भारत के संविधान, भारत सरकार (कार्य आबंटन) नियमावली, 1961, भारत सरकार (कार्य संचालन) नियमावली, 1961, मंत्रालय द्वारा जारी किए गए सुरक्षा अनुदेश, कार्यलय कार्यविधि मैनुअल, संसदीय प्रक्रिया, सामान्य वित्तीय नियम, वित्तीय नियमों का प्रत्यायोजन, मूल नियम, अनुपूरक नियम एवं अन्य सेवा नियम, विभिन्न नोडल मंत्रालयों (जैसे केबिनेट सचिवालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, वित्त मंत्रालय आदि) द्वारा जारी किए गए अनुदेश/मार्गदर्शिकाएओं और समय-समय पर जारी अन्य विभागीय अनुदेशों की आवश्यकतानुसार मंत्रालय में पदानुक्रम के विभिन्न स्तरों पर देखी जाती है । मामले को सामान्य तौर पर अनुभाग/डेस्क स्तर/अवर सचिव स्तर पर आगे बढ़ाया जाता है और फाइलें निवारण के अंतिम चरण के अनुसार अवर सचिव/उप सचिव/निदेशक/संयुक्त सचिव/सचिव/मंत्रालयों को प्रस्तुत की जाती हैं ।

खण्ड4(ख)(ii) में विभागों में कार्य के वितरण को दर्शाती हुई कार्य आबंटन की सूचना में इस प्रावधान के जवाबदेही भाग में शामिल है ।

खण्ड4(1)(ख)(iv): कार्यों के निर्वाहन के लिए मानदंड

भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों को अपनाया जाता है । शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया के लिए यहां दबाएं

खण्ड4(1)(ख)(v): कार्यों के निर्वाहन के लिए कार्मिकों द्वारा अपनाए गए या नियंत्रण में लाए गए या उपयोग किए गए नियम, विनियम, अनुदेश, मैनुअल और रिकार्ड ।

मंत्रालय के पेपर, दस्तावेज और फाइलें निम्नलिखित कानूनों, नियमों, विनियमों और अनुदेशों के आवश्यकतानुसार मंत्रालय में पदानुक्रम के विभिन्न् स्तरों पर देखी और निपटाई जाती है:

निदर्शी सूची (व्यापक नहीं है)
• भारत का संविधान
• भारत सरकार (कार्य आबंटन) नियमावली, 1961
• भारत सरकार (कार्य संचालन) नियमावली, 1961
• सुरक्षा अनुदेश
• कार्यालय कार्यविधि का मैनुअल
• संसदीय प्रक्रियाएं
• लोकसभा और राज्य सभा के पीठासीन अधिकारियों द्वारा जारी निर्देश
• सामान्य वित्तीय नियम
• वित्तीय नियमों का प्रत्यायोजन
• मूल नियमावली
• अनुपूरक नियमावली
• केन्द्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियमावली
• केन्द्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियमावली
• केन्द्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली
• केन्द्रीय सेवा (पेंशन) नियमावली
• मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी निर्देश, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश
• कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी निर्देश
• प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी निर्देश
• रक्षा द्वारा जारी सुरक्षा निर्देश मैनुअल

खण्ड4(1)(ख)(vi): इसके नियंत्रणाधीन अथवा इसके द्वारा धारित दस्तावेजों की श्रेणियों का विवरण।

भारत सरकार (व्यवसाय का आवंटन नियम), 1961 के अनुसार इस विभाग को आवंटित व्यवसाय से संबंधित वर्गीकृत और अवर्गीकृत दोनों दस्तावेज आयोजित किए जाते हैं।

खण्ड4(1)(ख)(vii): पपरामर्श अथवा अभ्यावेदन के लिए मौजूद किसी प्रबंधन की विशेषताएं।

विभाग, आम तौर पर, अपनी नीति के निर्माण या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों के साथ सीधे व्यवहार नहीं करता है। हालांकि, प्रमुख नीतिगत निर्णय को पोस्ट करने का प्रावधान है / जनता और हितधारकों से टिप्पणियां प्राप्त करने के लिए मसौदा विधेयक को विभाग की वेबसाइट पर रखा गया है।

खण्ड4(1)(ख)(viii): बोर्ड, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों का एक विवरण जिसमें शामिल हैं दो या दो से अधिक व्यक्ति
इसके हिस्से के रूप में या इसकी सलाह के उद्देश्य से गठित, और क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठक जनता के लिए खुली है,
या ऐसी बैठक के कार्यवृत्त जनता के लिए सुलभ हैं।

पूर्व विभाग सर्विसमैन वेलफेयर में केवल एक बोर्ड यानी केंद्रीय सैनिक बोर्ड होता है जो कल्याण के लिए जिम्मेदार होता है
भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की और कल्याण निधि के प्रशासन के लिए भी। सभी योजनाएं और कार्यक्रम
तैयार किए गए हैं जो केएसबी संप्रदाय की आधिकारिक वेबसाइट और मुद्रित ब्रोशर आदि के माध्यम से जनता के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं।
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सरकार ने न्यायमूर्ति एल नरसिम्हा रेड्डी, सेवानिवृत्त की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक समिति नियुक्त की। विसंगतियों पर गौर करने के लिए 14.12.2015 को पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश,
यदि कोई वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) के कार्यान्वयन से उत्पन्न होता है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। 26.10.2016 को।


दिनांक 13.10.2014 को माननीय रक्षा राज्य मंत्री की अध्यक्षता में भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए एक स्थायी समिति का गठन किया गया है। सचिव (ईएसडब्ल्यू), महानियंत्रक रक्षा लेखा (सीजीडीए), पुनर्वास महानिदेशक (डीजीआर), प्रबंध निदेशक, केंद्रीय संगठन भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (एमडी, सह ईसीएचएस), सचिव, केंद्रीय सैनिक बोर्ड संप्रदाय (केएसबी संप्रदाय) समिति के आधिकारिक सदस्य हैं, और तीन मान्यता प्राप्त ईएसएम एसोसिएशन यानी विकलांग युद्ध के दिग्गज, इंडियन एक्स-सर्विसेज लीग और एयर फोर्स एसोसिएशन समिति के गैर-आधिकारिक सदस्य हैं। समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं एडीजी (कार्मिक और सेवा), डीडीजी (कैंटीन), सेना/नौसेना/वायु सेना और पीसीडीए (पी) के वयोवृद्ध प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि।


रक्षा मंत्रालय और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अनुसार 14 सितंबर, 2015 को माननीय रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में कौशल विकास के लिए एक संचालन समिति का गठन किया गया है। संचालन समिति का गठन समझौता ज्ञापन में परिकल्पित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करने और परिणामों को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
समीक्षा के दायरे में शामिल हैं
(एक)। परियोजना की दिशा और निष्पादन के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करना
(बी)। कार्य की प्रगति की निगरानी करना।
(सी)। परियोजना के कामकाज से संबंधित मुद्दों को संबोधित करना।

खण्ड4(1)(ख))(ix): अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका।( कृपया देखें कि कौन है इस वेबसाइट का कौन अनुभाग) यहां क्लिक करें

खण्ड4(1)(ख)(x): अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाला मासिक पारिश्रमिक।

क्रमांक पद स्तर पे बैंड
1. सचिव 17 225000
2. विशेष सचिव 16 205400-224400
3. अतिरिक्त सचिव 15 182200-224100
4. संयुक्त सचिव 14 144200-218200
5. निदेशक और समकक्ष 13 118500-214100
6. उप सचिव/वरिष्ठ PPS और समकक्ष 12 78800-209200
7. अवर सचिव/वरिष्ठ PPS और समकक्ष 11 67700-208700
8. अनुभाग अधिकारी/PS और समकक्ष (ग्रेड में 4 साल की सेवा पूरी करने पर NFS) 10 56100-177500 टीडी>
9. अनुभाग अधिकारी/PS और समकक्ष 8 47600-151100
10. सहायक/PA और समकक्ष 7 44900-142400
11. UDC/स्टेनो और समकक्ष 4 25500-81100
12. LDC/ स्टाफ कार ड्राइवर और समकक्ष 2 19900-63200
13. MTS 1 18000-56900


खण्ड4(1)(ख)(xi): प्रत्येक एजेंसी को आबंटित बजट, जिसमें सभी का ब्योरा होता है योजनाएं, प्रस्तावित
किए गए संवितरण पर व्यय और रिपोर्ट।

भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग और इसके संबद्ध कार्यालयों को बजट आबंटन (कृपया इस वेबसाइट का बजट खण्ड देखें)
.यहां क्लिक करें।

खण्ड 4(1)(ख)(xii): आबंटित धनराशि सहित अनुदान कार्यक्रमों के कार्यान्वयन का तरीका और ऐसे कार्यक्रमों के लाभार्थियों का ब्यौरा।

भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग कोई अनुदान कार्यक्रम नहीं चलाता है।

खण्ड 4(1)(ख)(xiii): इसके द्वारा प्रदत्त छूट, अनुमति या प्राधिकार प्राप्त करने वालों का विवरण।

लागू नहीं।

खण्ड 4(1)(ख)(xv): यदि सार्वजनिक प्रयोग के लिए रखरखाव किया गया है तो पुस्तकालय या अध्ययन कक्ष के कार्य के घंटों सहित सूचना प्राप्त करने के लिए नागरिकों हेतु उपलब्ध सुविधाओं का विवरण।

भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट। तथापि, सार्वजनिक प्रयोग के लिए विभाग द्वारा किसी सार्वजनिक पुस्तकालय या अध्ययन कक्ष का रखरखाव नहीं किया जा रहा है।

खण्ड 4(1)(ख)(xvi): जनसूचना अधिकारियों के नाम, पदनाम अन्य विवरण;

- यहां क्लिक करें।

सूचना स्वयं की पहल पर प्रकट की गई।


डीईएसडब्ल्यू वेबसाइट का एसटीक्यूसी प्रमाणन देखने के लिए यहां क्लिक करें